परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

अरे ओ नट! तेरी रस्सी पै कब तलक नाचें

 अरे ओ नट! तेरी रस्सी पै कब तलक नाचें।

मुकद्दर'न की ठिठोली पै कब तलक नाचें॥

 

त्रिया की का कहों? कन्या तलक सुरक्षित नाँय।

हवस की धींग-धसेरी पै कब तलक नाचें॥

 

समय कौ खेल तौ देखौ हबा हू बिकबे लगी।

वसुन्धरा की तबाही पै कब तलक नाचें॥

 

नदि’न में जल नहिं लेकिन समुद्र टूँग रहे।

जहर समान या पानी पै कब तलक नाचें॥

 

अरब-खरब में सों कोऊ तौ कछ करौ कोसिस।

हम अपने एक ही गाँधी पै कब तलक नाचें॥

 

बिकास और दिवा-स्वप्न ढोयगौ कितने।

या डूबती भई कस्ती पै कब तलक नाचें॥

 

'नवीन' जुग में अठन्नी कौ मोल कच्छू नाँय।

सो हम तुमारी अठन्नी पै कब तलक नाचें॥

No comments:

Post a Comment