कटे कर’न सों टूटौ डोरा जोरौ है ।
किस्मत हमसों जो न करावै, थोरौ है ॥
सब के मन कों राखत वैश्या
बाँझ भई ।
तौ हू वा कौ जॉब-कार्ड तौ कोरौ है ॥
दुनिया नें चौथेपन में परचौ
दीनों ।
चौराहे पै धर कें मटका फोरौ
है ॥
जान बचाय दई संतोषी माता नें
।
माया नें तौ बेर-बेर विष घोरौ है ॥
किशन-कन्हैया की हू रंगत बदल गई ।
हमरौ कारौ, अंग्रेज’न कौ गोरौ है ॥
कर – हाथ,
हाथों;
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