परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

पुण्य चैंयें मगर हवन के बिन

 पुण्य चैंयें मगर हवन के बिन ।

लाभ चैंयें मगर जतन के बिन॥

 

खूब चोखे हैं आज के नागर ।

मेघ चैंयें मगर तपन के बिन॥

 

ऐसी गैया कहाँ सों लामें अब ।

दै सकै दूध जो थनन के बिन॥

 

जिन्दगी व्यंजना बिना कैसी ।

अप्सरा और बाँकपन के बिन॥

 

राम कों राम मानते का हम ।

लंक-विध्वंस, वन-गमन के बिन ॥

 

जीव कों आसरौ तौ चैंयें ही ।

सेज सूनी लगै सजन के बिन ॥

 

चोखे – अच्छे, भले; नागर – नगर निवासी, लोग;

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