परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

नैन-सैन’न सों ही प्रेम-रस भर दियौ

 नैन-सैनन सों ही प्रेम-रस भर दियौ ।

उरबसी उर्वशी नें गजब कर दियौ॥

 

एक बाँकी नें या की न वा की सुनी ।

इक सुमन नें सुमन पै सुमन धर दियौ॥

 

चाम नें चाम सों चाम की छब लखी । *

काम नें काम कों काम कौ कर दियौ॥ **

 

प्रीत नें प्रीत सों प्रीत की पत रखी ।

फिर सुरा नें सुरा कों सरोवर दियौ॥

 

हीय में दौनों दौनोंन के बस गये ।

यै कहा सोचनों कौन नें घर दियौ॥

 

नैन-सैन – आँखों का इशारा,पत – लाज; सुरा – मय, शराब;

* चाम – शरीर ने आँखों से प्रिया / प्रियतम के सुन्दर शरीर और उस पर की विभिन्न मुद्राओं,कोणों,रेखाओं आदि को निहारा;

* कामदेव से जुड़े उक्त क्रियाकलाप ने इस कार्य को उपयोगी बना दिया

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