परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

यै छवी हम नें ही उकेरी है

 यै छवी हम नें ही उकेरी है ।

रात जगमग दुपैर अँधेरी है ॥

 

चार दिन तौ कटें दुखन के बिन ।

नित्य की सी प्रभात-फेरी है ॥

 

बोलनों नाँय, सिर्फ सुननों है ।

जो दशा सबकी वौ ही मेरी है ॥

 

नित कमावै है इक नयौ अनुभव ।

जिंदगानी गजब कमेरी है ॥

 

नींद तौ कब की है गई पूरी ।

जागिवे भर की मात्र देरी है ॥

 

 

प्रभातफेरी – सुबह सुबह चक्कर लगाना; कमेरी – कमाने वाली;

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