परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

भोरे-भारे बलम हमारे नित-नवीन उतपात करत हैं

भोरे-भारे बलम हमारे नित-नवीन उतपात करत हैं ।

सावन में तौ आग लगामेंफागुन में बरसात करत हैं ।।

 

हम जो राष्ट्रपति होते तौ पदम सिरी दै देते इनकों ।

हनीमून पै लै कें जामें हनुमान की बात करत हैं ।।

 

रस-बतिय’न की बात कही तौ छकड़ा भर गन्ना लै आये ।

रात-रात भर गन्ना चूसेंबात’न में परभात करत हैं ।।

 

हमनें का कछु नहीं सिखायौ कछु हमारे काम न आयौ ।

हम सों जो आयात करें सब सौतन कों निर्यात करत हैं ।।

 

काहे कों रिसियामें इन सों काहे कों बिदरामें इनकों ।

ब्रज की गोपी जानत हैं कि अपने ही तौ घात करत हैं ।।


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