परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

कुहासौ छँट गयौ और उजीतौ ह्वै गयौ है

 कुहासौ छँट गयौ और उजीतौ ह्वै गयौ है ।
गगनचर चल गगन कों सवेरौ ह्वै गयौ है ॥
 
हुतो वौ इक जमानौ कह्यौ कर’तो जमानौ ।
चलौ जमना किनारें - सवेरौ ह्वै गयौ है ॥
 
अगल-बगल’न छतन सों कहाँ सुनिवौ मिलै अब ।
कि अब जामन दै बैरी - सवेरौ ह्वै गयौ है ॥
 
न कुकड़ूँ-कूँ भई और न जल झर’तै हवा सों ।
तौ फिर हम कैसें मानें - सवेरौ ह्वै गयौ है ॥

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