परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

जन्म सों मृत्य तक झमेले हैं

 जन्म सों मृत्य तक झमेले हैं ।

कृष्ण नें कम कलेश झेले हैं ॥

 

एक होवै स्वरूप तौ बरनें ।

कृष्ण तौ नित-नये-नवेले हैं ॥

 

नेंकु सी घाम हम न सह पामें ।

कृष्ण दावानल’न सों खेले हैं ॥

 

मधुपुरी में जो बच गये पापड़ ।

जाय कें सिन्धु-मध्य बेले हैं ॥

 

मित्र के पग पखारै अँसुअन सों ।

ऐसे तौ कृष्ण ही अकेले हैं ॥

 

कर्म सों कृष्ण प्रीत के अवतार ।

युद्ध में भाग्य नें ढकेले हैं ॥

 

घाम – धूप, दावानल – जंगल की आग;

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