परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

ब्रजभाषा की महिमा

 अमरित की धारा बरसै और चैन हिये में आवै है

जैसें इ अपनी बानी बोलें म्हों मीठौ है जावै है

 

खारे कों मीठौ, मीठे कों और उ मधुर बनावै है

ब्रजभासा वौ भासा है जो रोम रोम हरसावै है

 

ब्रज के रस में डूबे आखर ज्यों ही रसना सों टपकें

ऐसौ लागै है जैसें बनवारी वेणु बजावै है

 

हर म्हैफिल की अपनी अपनी रंगत होवै है तौ हू

निज म्हैफिल में मजा मिलै वौ और कहूँ नाँय आवै है

 

सूरदास की फुलवारी में वैसें ही लौटिंगे सब

“ जैसें उड़ जहाज कौ पंछी फिर जहाज पै आवै “ है

 

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