परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

स्वयं विषाद के अनुभव जिन्हें कमाने होंय

 स्वयं विषाद के अनुभव जिन्हें कमाने होंय ।
सिखामें का उन्हें धक्का ही जिन कों खाने होंय॥
 
भरत की भूमि कों भारत कहन लगे हम लोग ।
अब आस दूजी यही है कि हम सियाने होंय ॥ 

हरेक पन्थ पै पसरी भई हैं दस उलझन ।
कहूँ तौ आत्म-समाधान के ठिकाने होंय ॥
 
जमानों धीर धरत नाँहि बाद बनिवे के ।
भलें ही बात बनन में लगे जमाने होंय ॥
 
विषाद – दुख,

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