परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

अनाड़ी हो प गोताखोर निकरौ

 अनाड़ी हो प गोताखोर निकरौ।

नवल रसिया बड़ौ बरजोर निकरौ॥

 

हृदय-नद के किनारे नप्प डारे।

सजन सच्च'उँ चपल-चितचोर निकरौ॥

 

कहा मन की सघनता कों बखानें॥

कि मन में तौ क्षितिज कौ छोर निकरौ॥

 

मवाद इतनौ बढौ, इतनौ बढौ कि।

सहनशक्ती कौ फोरा, फोर - निकरौ॥

 

निकस जातो हृदय सों छाना-माना।

मगर वौ निरदई, घर, तोर - निकरौ॥

 

सपत्तौ लील ही डारौ है मो कों।

"तिहारौ गम तौ आदमखोर निकरौ"

No comments:

Post a Comment