कहें कैसें लागै पियारी महौब्बत
पजारौ करै है पजारी महौब्बत
तेरे संग लागत हुती फूल जैसी
तिहारे बिना है कटारी
महौब्बत
समझ में न आवै यै कैसौ है
जादू
लगै और ताजी दिनारी महौब्बत
तू राजा बन्यौ तेरी रानी
हजार’न
हमें तौ परी भौत भारी
महौब्बत
न हम रुक्मिणी हैं न ही
सत्यभामा
न जीती न हारी हमारी महौब्बत
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