परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

कबतक करिहौ आनाकानी

 कबतक करिहौ आनाकानी ।

अब तौ स्वीकारौ मेहमानी ॥

 

सुमन सुगन्धन कों तरसत हैं ।

का अजहूँ करिहौ मनमानी ॥

 

तुम का जानों विरहिन रतियाँ ।

जा नें काटीं वा नें जानी ।

 

जानत हौ पहिचानत नाहीं ।

कैसी है यै छेड़ाखानी ॥

 

कबहू हमरे घरहु पधारौ ।

तुमहिं चखानी है गुड़-धानी ॥

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