परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

सरगम की धुन गढिवे वारे साज हवा में उड़ रए हैं

 सरगम की धुन गढिवे वारे साज हवा में उड़ रए हैं ।
कल रस्त’न पै चलिवे वारे आज हवा में उड़ रए हैं ॥
 
छत पै सोये बच्च’न नें जब अम्बर में देखे बदरा ।
उछर कें बोले पानी वारे जहाज हवा में उड़ रए हैं ॥

 रात गगन में ल्हौरे-ल्हौरे तारे’न की पंगत कों देख ।
ऐसौ लागत है जैसें पुखराज हवा में उड़ रए हैं ॥
 
और कहाँ टिकते भैया जी सब की काया सब के मन ।
महारानी धरती पै हैं महाराज हवा में उड़ रए हैं ॥
 
अरे बावरे मेरे मन तू काहे कों अभिमान करै ।
बड़े-बड़े राजा-रानि’न के ताज हवा में उड़ रए हैं ॥

 

ल्हौरै-ल्हौरे – छोटे-छोटे;

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