परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

भूलि कें हू भ्रमित न होनों है

 भूलि कें हू भ्रमित न होनों है ।

बीज तौ प्रेम ही कौ बोनों है॥

 

भोले-भगवान आप जानत हौ ।

भार नंदी कों ही तौ ढोनों है॥

 

क्यों न केवट अभी उठावै लाभ ।

राम कों गंग-पार होनों है॥

 

और सब कछ भलें ही छिन जावै ।

आप कौ संग नाँय खोनों है॥

 

मात्र हम ही नहीं फरेबी हैं ।

दाग यै तौ तुम्हें हू धोनों है॥

 

सूई घनश्याम, आतमा है तार ।

मात्र सूई में तार पोनों है॥

 

रस असल तत्व है मेरे प्यारे ।

रस बिना सब सपन सलोनों है॥

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