वीरता की भलें बड़ाई है ।
कीरती धैर्य नें कमाई है॥
बल अपर्याप्त है चुकौ साबित
।
प्रेम के हाथ शक्ति आई है॥
बुस नहीं जाय कल कहूँ देखौ ।
पास अतिरिक्त जो मलाई है॥
माल-मिष्ठान्न, ज्ञान के भण्डार ।
बाँट दैवे ही में भलाई है॥
उड़ने चैंयें जहाज सबही के ।
सबनें मिलि कें हवा बनाई है॥
सत्य स्वीकार कर लियौ लेकिन
।
संग दुविधा हू हाथ आई है॥
याहि तौ उड़नों है हवा के सँग
।
पेट में बात कब समाई है॥
का बतामें हुनर की वौ कीमत ।
गाँठ सों हमनें जो चुकाई है
॥
हम भलें और कछ न कर पाये ।
एक तस्वीर तौ बनाई है॥
न्यूज पिरचार तौ करैगी खूब ।
बादबाकी तौ जगहँसाई है॥
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