परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

यों इ मारी नहीं गुलाटी है

 यों इ मारी नहीं गुलाटी है

ढील दै कें पतंग काटी है

 

काहु सीता पै फिर पर्यौ है दुख

यों ही थोरें जमीन फाटी है

 

हेकड़ी टाँग देउ खूँटा पै

हर सिकन्दर नें धूर चाटी है

 

भींत चिनवायवे की सोचौ मत

हमनें मिलजुल कें छत्त पाटी है

 

माल तौ बन गये मगर प्यारे

दार कच्ची कठोर बाटी है

 

मात्र अन्तर यही, कन्हैया नाँय

वौ इ जमना है वौ इ माटी है

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