शुगर भगानी है हमकों सो, कड़वी बातें हू बोलिंगे ।
हम तौ टेढ़े के प्रेमी हैं, टेढ़ी बातें हू बोलिंगे ॥
ना यै हमरौ चून चलावै, ना वौ हमरे घड़ा भरावै ।
या की बातें बोलिंगे तौ वा की बातें हू बोलिंगे ॥
जतन भलें कितने हू कल्ल’एँ, सच्ची बात परें नहिं पल्लें ।
सो हमनें निरधार कियौ है झूठी बातें हू बोलिंगे ॥
चमत्कार कों नमस्कार की आदत सब कों परी भयी है ।
जिन कों सुनि कें मन ललचावै, ऐसी बातें हू बोलिंगे ॥
वैसें तौ कर्तव्य हमारौ केवल परपीड़ा कहनों है ।
लेकिन भैया कहूँ-कहूँ हम अपनी बातें हू बोलिंगे ॥
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