देखत रह गए ताल-तलैया भैंस पसर गई दगरे में ।
गरमी झेल न पाई भैया भैंस
पसर गई दगरे में ॥
बीस बखत बोल्यौ हो सबसों दानौ पानी कम न परै ।
खूब करौ अब हैया-हैया भैंस पसर गई दगरे में ॥
ऐसी-वैसी चीज समझ मत यै तौ
है सरकार की सास ।
जैसें ई देखे नकद रुपैया
भैंस पसर गई दगरे में ॥
कारी मौटी धमधूसर सी नार
थिरकबे कूँ निकसी ।
नाचत-नाचत ता-ता थैया भैंस
पसर गई दगरे में ॥
दगरा – एक गाँव से दूसरे
गाँव को जोड़ने वाला धूल भरा थोड़ा सा बड़ा सा रास्ता;
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