परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

भलें कहूँ हम ठहर न पाये

 भलें कहूँ हम ठहर न पाये

तुम्हारी देहरी सों टर न पाये

 

हमारे जैसे जखम हमारे

बढ़त रहे पर उभर न पाये

 

तुमें हुती प्रीत पतझर’न सों

हमारी किस्मत, उजर न पाये

 

समे पै साँची कही गयी नैं

मुकरनों हो तब मुकर न पाये

 

ये कैसे सागर वे कैसे बदरा

हमारी अँजुरी हू भर न पाये

 

बड़े-बड़े’न कौ घमण्ड तोर्यौ

स्व-दम्भ के पर कतर न पाये

 

लड़ाई मूँछ’न की अति बुरी है

हम’उ समर में समर न पाये

 

गिरह कौ शेर:

नदी’न में ही दिखाए करतब

“ समुद्दर’न में उतर न पाये “

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