सकुचाय नहीं मुसकाय करौ
स्वागत पटुका पहराय करौ
ऐसें मत बात घुमाय करौ
है नेह तौ नेह निभाय करौ
फगुआ गामन के दिन आये
रस बरखा गाय बजाय करौ
निधि सों ही निकसैगौ अमरित
सुहबत संजोग बनाय करौ
श्रद्धा सब्द’न में होत नहीं
अभिनन्दन सीस झुकाय करौ
जो सेस नहीं घ्यौ बरनी में
तौ जोत हिये कों ताय करौ
हम तुम सों चों नहिं बोलिंगे
इक फोन तौ भूल भुलाय करौ
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