परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

नेह के मेह ढोए हमनें हू

 नेह के मेह ढोए हमनें हू ।

नैन अपने भिगोए हमनें हू ॥

 

हाथ लग पाए जो न राधा के ।

वे खजाने तौ खोए हमनें हू ॥

 

जब तेरी प्रीत के पुरान बँचे ।

हाथ गंगा में धोए हमनें हू ॥

 

कैसें कह देंय आस नाँय रखी ।

खेत में बीज बोए हमनें हू ॥

 

नाम तुम जा पै जप रहे पिय कौ ।

वा में दाने पिरोए हमनें हू ॥

 

पारखी लोग ही परख पाए ।

पोर घी में डुबोए हमनें हू ॥

 

नेह – स्नेह, प्रेम; मेह – बादल;

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