परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

काम इतनों बिखर परौ है का

 काम इतनों बिखर परौ है का ।
लक्ष्य पूरन नहीं भयौ है का ।
 
याचना करिवे की लिमिट तौ होय ।
पेट अब तक नहीं भरौ है का ॥
 
प्रज्ज्वलित दीप कब करौगे आप ।
सेर भर घी हू कम परौ है का ॥
 
सबकों लै कें जहाँ पै जानों है ।
वा पते कौ पतौ लगौ है का ॥
 
बावरे हम तौ हैं ही आदरणीय ।
आप कौ मन हू बावरौ है का ॥
 
यों नजर क्यों चुरात हौ सब सों ।
आप नें काहु कों ठगौ है का॥
 
स्वप्न में कल कलिन्दजा बोली ।
यै लिख्यौ है? यही बदौ है का?
 
याचना – माँगना; कलिन्द्जा –मातु श्री यमुने महारानी;

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