परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

                  संक्षिप्त परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी ( ब्रजगजल प्रवर्तक, बहुभाषी शायर (कवि) एवं व्यंग्यकार)

सब कछ अगर कण्ट्रौल में है तौ परेसानी है क्यों

सब कछ अगर कण्ट्रौल में है तौ परेसानी है क्यों ।
शहर’न में भिच्चम–भिच्च और गामन में वीरानी है क्यों ॥
 
सिगरौ सरोबर सोख कें बस बूँद भर बरसात हैं ।
बच्च’न की मैया-बाप पै इत्ती महरबानी है क्यों ॥

धरती पे तारे लायबे की जिद्द हम नें क्यों करी?
जब कर दई तौ रात की सत्ता पे हैरानी है क्यों ॥
 
जा नें महाभारत करायौ और उन्नति डस लई ।
अजहू खुपडिय’न में वौ ही कीड़ा सुलेमानी है क्यों ॥

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